
गोपेश्वर। अलकनंदा भूमि संरक्षण वन प्र्रभाग के थराली रेंज में पिछले तीन साल से पौधालय श्रमिक के रूप में कार्य कर रहे मोहन सिंह बिष्ट मेहनताने को दर-दर भटक रहे हैं।
वर्ष 2009 में अलकनंदा वन प्रभाग ने मोहन सिंह को थराली रेंज के ऊंणी पौधालय में पौधालय श्रमिक के रूप में काम पर रखा, लेकिन बजट नहीं आने की बात कह कर वर्ष 2011 में उसे कार्य से हटा दिया गया। अब मोहन अपने मेहनताने की रकम के लिए माह में कई बार वन विभाग के चक्कर काट रहे हैं, लेकिन उसे बजट की कमी बताते हुए लौटा दिया। अलकनंदा वन प्रभाग के डीएफओ जन्मेजय सिंह का कहना है कि प्रमुख वन संरक्षक से धनराशि उपलब्ध कराने की मांग की गई है, शीघ्र ही धन मिलने पर श्रमिक को मेहनताना दे दिया जाएगा।
